भारत के सबसे छोटे गाँव, जहाँ 50 से कम लोग रहते हैं
Census 2011 में 16,658 गाँवों की village population 50 से कम है, कुछ में सिर्फ़ एक व्यक्ति दर्ज है। जानिए ऐसा क्यों होता है।
- 07 Oct 26
8 min
जम्मू कश्मीर में राशन कार्ड का काम NFSA Jammu and Kashmir पोर्टल से होता है। नई कार्ड की अर्ज़ी, NFSA सूची में नाम की जाँच, परिवार में सदस्य जोड़ना या हटाना और उचित मूल्य दुकान की जानकारी, सब वहीं से मिलती है।
जम्मू कश्मीर में गाँव के स्तर पर हल्क़ा पंचायत होती है, इसलिए रिकॉर्ड में पता अक्सर हल्क़े के नाम से दर्ज रहता है। ऊँचाई वाले इलाक़ों में सर्दी के महीनों का राशन पहले से भेज दिया जाता है।
यह link सीधे सरकारी पोर्टल पर ले जाता है। हम कोई आवेदन नहीं लेते और न ही OTP, Aadhaar संख्या या बैंक विवरण माँगते हैं।
NFSA Jammu and Kashmir पोर्टल खोलिए
ऊपर दिया link सीधे जम्मू कश्मीर के खाद्य विभाग के पोर्टल पर ले जाता है। हर राज्य का पोर्टल अलग है, इसलिए दूसरे राज्य का link यहाँ काम नहीं करेगा।
सूची या स्थिति वाला विकल्प चुनिए
पोर्टल पर राशन कार्ड सूची, पात्रता सूची या NFSA सूची नाम से विकल्प मिलता है। नाम अलग-अलग पोर्टल पर थोड़ा बदलता रहता है।
ज़िला, ब्लॉक और पंचायत या वार्ड चुनिए
गाँव के लिए ब्लॉक और पंचायत चुननी होती है। शहर के लिए नगर निकाय और वार्ड। तीनों एक के बाद एक खुलते हैं।
अपनी उचित मूल्य दुकान चुनिए
हर पंचायत में एक या ज़्यादा राशन दुकानें होती हैं। दुकानदार का नाम देखकर अपनी दुकान पहचानिए, फिर उसकी कार्ड सूची खुलती है।
कार्ड खोलकर सदस्य और हिस्सा देखिए
कार्ड संख्या पर click करने से परिवार के सभी सदस्यों के नाम और हर महीने मिलने वाले अनाज की मात्रा दिख जाती है।
| दस्तावेज़ | किसलिए |
|---|---|
| आधार कार्ड | परिवार के हर सदस्य का, जिसका नाम कार्ड में जोड़ना है |
| पते का प्रमाण | बिजली बिल, किरायानामा या कोई और दस्तावेज़ जिससे पता साबित हो |
| परिवार के मुखिया की फ़ोटो | कार्ड पर मुखिया की फ़ोटो लगती है |
| आय या श्रेणी का प्रमाण | अंत्योदय जैसी श्रेणी में आवेदन कर रहे हों तो ज़रूरी है |
NFSA सूची में नाम नहीं है
सूची राज्य के कोटे से बनती है, इसलिए आवेदन करने भर से नाम नहीं जुड़ता। ब्लॉक या तहसील के आपूर्ति कार्यालय में जाकर पात्रता की जाँच कराइए।
कार्ड में किसी सदस्य का नाम नहीं जुड़ा
नए सदस्य के आधार और जन्म या विवाह के दस्तावेज़ के साथ संशोधन का आवेदन दीजिए। कई राज्यों में यह पोर्टल से भी हो जाता है।
दुकानदार राशन देने से मना कर रहा है
पहले पोर्टल पर देखिए कि इस महीने का आवंटन दुकान को हुआ है या नहीं। आवंटन हुआ है और फिर भी मना हो तो ज़िले के शिकायत निवारण अधिकारी को लिखिए।
e-KYC या आधार जुड़ाव बाक़ी है
बिना आधार जुड़ाव के कई राज्यों में राशन रुक जाता है। दुकान पर लगी मशीन से या नज़दीकी CSC से e-KYC करा लीजिए।
कार्ड खो गया है
ज़्यादातर पोर्टल से duplicate कार्ड निकाला जा सकता है। न निकले तो आपूर्ति कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर दूसरी प्रति मिल जाती है।
जनगणना 2011 के अनुसार Jammu and Kashmir में 20 ज़िले थे और कुल जनसंख्या 12,541,302 दर्ज हुई थी। हमारे पास इस राज्य के 23 ज़िलों और 6,649 गाँवों का ब्यौरा दर्ज है। पोर्टल पर ज़िला, ब्लॉक और पंचायत चुननी होती है, जो राजस्व तहसील से अलग हो सकती है। अपने गाँव का ब्यौरा देखने के लिए Jammu and Kashmir के ज़िलों की सूची खोलिए, फिर तहसील और गाँव चुनिए।
पोर्टल पर सबसे पहले ज़िला चुनना पड़ता है। Jammu and Kashmir के ज़िले नीचे दिए हैं। किसी भी ज़िले पर click करके उसकी तहसीलें और गाँव देखे जा सकते हैं।
NFSA Jammu and Kashmir पोर्टल पर ज़िला, ब्लॉक और गाँव या वार्ड चुनिए, फिर सूची खुल जाएगी। राशन कार्ड संख्या से सीधे खोजने का विकल्प भी रहता है।
पोर्टल पर online आवेदन किया जा सकता है, या नज़दीकी राशन कार्यालय में form भरकर दिया जाता है। पहचान, पते और परिवार के सदस्यों के दस्तावेज़ लगते हैं।
आवेदन संख्या या पावती संख्या डालकर उसी पोर्टल पर status देखा जा सकता है, जहाँ से आवेदन किया गया था।
जन्म प्रमाण पत्र या विवाह के बाद के दस्तावेज़ के साथ संशोधन का आवेदन देना होता है। कई राज्यों में यह सुविधा online भी है।
हाँ। कार्ड Aadhaar से जुड़ा हो तो देश में कहीं भी, किसी भी उचित मूल्य दुकान से अपने हिस्से का राशन लिया जा सकता है।
राज्य के खाद्य विभाग की helpline या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। हर ज़िले में शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त रहता है।
Disclaimer: यह कोई सरकारी website नहीं है। यहाँ दी गई जानकारी सिर्फ़ मार्गदर्शन के लिए है और हर link संबंधित सरकारी पोर्टल पर जाता है। हम OTP, Aadhaar संख्या या बैंक विवरण collect नहीं करते।
गाँव, ज़मीन और सरकारी कामों पर सरल हिंदी में।
Census 2011 में 16,658 गाँवों की village population 50 से कम है, कुछ में सिर्फ़ एक व्यक्ति दर्ज है। जानिए ऐसा क्यों होता है।
8 min
Census 2011 के रिकॉर्ड से: सबसे ज़्यादा गाँवों वाले district और tehsil कौन से हैं, और एक ज़िले में हज़ारों गाँव क्यों बनते हैं।
9 min
Census 2011 के अनुसार भारत के सबसे बड़े गाँव कौन से हैं, village population कितनी है, और शहर जैसी बस्ती गाँव क्यों गिनी जाती है।
9 min
Census 2011 के 5,89,883 गाँवों के रिकॉर्ड से: कितने गाँवों तक bus पहुँचती है, railway station कितनी दूर है, राज्यों में कितना फ़र्क़।
9 min
सरकारी फ़ॉर्म में गाँव, पंचायत, tehsil, block और pin code सही कैसे भरें, और ग़लत भरने पर आवेदन कहाँ अटकता है।
9 min
J&K land records पर jamabandi और girdawari देखने का तरीक़ा, खेवट और खतौनी का फ़र्क़, और फर्द निकलवाने की जानकारी।
9 min