ई श्रम असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों की सूची है। खेत मज़दूर, राजमिस्त्री, रेहड़ी वाले, घरों में काम करने वाले, ड्राइवर और बुनकर, ये सब इसमें आते हैं। कार्ड बनने पर एक बारह अंकों का UAN नंबर मिलता है, जो जीवन भर एक ही रहता है।

यह पन्ना बनवाने का तरीक़ा देता है और यह भी साफ़ करता है कि कार्ड से क्या मिलता है, क्योंकि इस पर बहुत ग़लत बातें फैली हैं।

ई श्रम कार्ड कैसे बनाएँ, और यह किस काम आता है

किसका बनता है और किसका नहीं

उम्र सोलह से उनसठ साल के बीच होनी चाहिए और काम असंगठित क्षेत्र का होना चाहिए। जिनका EPFO या ESIC में खाता चल रहा है, और जो आयकर देते हैं, उनका कार्ड नहीं बनता। अपना पीएफ़ खाता चल रहा है या नहीं, यह पहले देख लीजिए। यही तीन शर्तें ज़्यादातर आवेदनों को रोकती हैं।

खेती करने वाले छोटे और सीमांत किसान भी इसमें आते हैं, बशर्ते वे मज़दूरी भी करते हों। बड़े काश्तकार इसके दायरे से बाहर रहते हैं।

बनवाने का तरीक़ा

दो रास्ते हैं। पहला, पोर्टल पर ख़ुद पंजीकरण, जिसके लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए क्योंकि पहचान OTP से होती है। दूसरा, नज़दीकी सामान्य सेवा केंद्र, जहाँ उँगली के निशान से पहचान हो जाती है और मोबाइल लिंक न हो तब भी काम चल जाता है।

  1. आधार नंबर डालिए और OTP से पहचान पूरी कीजिए।
  2. काम की श्रेणी, पता, शिक्षा और आमदनी का ब्यौरा भरिए।
  3. बैंक खाता जोड़िए, वही जो आधार से जुड़ा हो।
  4. जमा करने के बाद कार्ड उसी समय बनता है और डाउनलोड हो जाता है।

कोई शुल्क नहीं लगता। सेवा केंद्र पर भी यह काम मुफ़्त है।

कार्ड दोबारा कैसे निकालें

कार्ड खो जाए तो कहीं आवेदन देने की ज़रूरत नहीं। पोर्टल पर UAN नंबर या आधार डालकर OTP से लॉगिन कीजिए और कार्ड दोबारा डाउनलोड कर लीजिए। मोबाइल नंबर बदल गया हो तो सेवा केंद्र पर जाकर उसे पहले बदलवाना पड़ेगा।

ई श्रम कार्ड कैसे बनाएँ, और यह किस काम आता है

इससे मिलता क्या है

कार्ड अपने आप पैसा नहीं देता। यह एक पहचान है, जिसके आधार पर सरकार असंगठित मज़दूरों तक योजनाएँ पहुँचाती है। इसके साथ दुर्घटना बीमा का कवर जुड़ता है, और कई राज्यों ने अपनी सहायता योजनाओं को इसी सूची से जोड़ा है।

जिन योजनाओं का पैसा खाते में आता है, वे सब आधार से जुड़े खाते के रास्ते आती हैं। इसलिए कार्ड बनवाते समय वही खाता दीजिए जिसे आप चलाते हैं, और उसकी सीडिंग की स्थिति पहले देख लीजिए।

ब्यौरा ग़लत दर्ज हो जाए तो

पता, काम की श्रेणी, शिक्षा और बैंक खाता पोर्टल पर ही सुधारे जा सकते हैं। नाम और जन्मतिथि सीधे नहीं बदलतीं, क्योंकि वे आधार से आती हैं। उनके लिए पहले आधार में सुधार कराना पड़ता है, और उसका तरीक़ा आधार में पता बदलने वाले पन्ने पर उसी तरह से दिया है।

कार्ड से जुड़े सभी काम और लिंक एक जगह ई श्रम कार्ड वाले हिस्से में रखे हैं।

ध्यान रखने लायक़ बातें

  • UAN नंबर संभालकर रखिए, कार्ड दोबारा निकालने में वही काम आता है।
  • EPFO या ESIC में खाता खुलने के बाद ई श्रम की पात्रता ख़त्म हो जाती है।
  • किसी भी हाल में OTP दूसरे को न बताइए।
  • हर साल ब्यौरा देख लीजिए, मोबाइल या खाता बदला हो तो अपडेट कर दीजिए।

FAQs

जिनका EPFO या ESIC में खाता चल रहा है, जो आयकर देते हैं, और जिनकी उम्र सोलह से कम या उनसठ से ज़्यादा है।

यह बारह अंकों का नंबर है जो कार्ड बनते ही मिलता है और जीवन भर एक ही रहता है। कार्ड दोबारा निकालने में यही काम आता है।

कोई शुल्क नहीं है। पोर्टल पर और सामान्य सेवा केंद्र पर, दोनों जगह यह काम मुफ़्त होता है।

नाम और जन्मतिथि आधार से आती हैं, इसलिए पहले आधार में सुधार कराना पड़ता है। पता, काम और बैंक खाता पोर्टल पर ही बदले जा सकते हैं।