आधार में पता बदलना ज़्यादातर लोगों के लिए एक ही वजह से ज़रूरी होता है। पुराने पते पर अब कोई नहीं रहता, और नए पते पर बैंक, गैस या किसी योजना का काम अटक जाता है। काम ऑनलाइन हो जाता है, पर आवेदन तभी चलता है जब पता उसी रूप में लिखा हो जिस रूप में वह आपके दस्तावेज़ में दर्ज है।

यह पन्ना पूरा तरीक़ा एक जगह रखता है, और उन जगहों पर रुकता है जहाँ गाँव के आवेदन सबसे ज़्यादा लौटते हैं।

आधार में पता कैसे बदलें, और आवेदन क्यों लौटता है

पहले यह तय कीजिए कि आपके पास कौन सा प्रमाण है

पता बदलने के लिए एक वैध पता प्रमाण लगता है, और उसमें आपका नाम वैसा ही होना चाहिए जैसा आधार में है। बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर कार्ड और किराएनामा, इनमें से किसी एक से काम चल जाता है। बिल तीन महीने से पुराना हो तो कई बार अस्वीकार हो जाता है।

अगर कोई भी काग़ज़ आपके नाम पर नहीं है, तो परिवार के मुखिया के पते पर आधार बन सकता है। इसके लिए मुखिया की सहमति और उनसे रिश्ते का प्रमाण लगता है, जैसे राशन कार्ड जिसमें दोनों नाम एक साथ दर्ज हों।

घर बैठे करने का तरीक़ा

ऑनलाइन काम myAadhaar पोर्टल से होता है और इसके लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू होना ज़रूरी है, क्योंकि लॉगिन OTP से ही होता है। नंबर लिंक न हो तो ऑनलाइन कुछ नहीं होगा, सीधे केंद्र जाना पड़ेगा।

  1. पोर्टल खोलकर आधार नंबर और OTP से लॉगिन कीजिए।
  2. Address update चुनिए और नया पता हिंदी तथा अंग्रेज़ी, दोनों में भरिए।
  3. पता प्रमाण की साफ़ स्कैन या फ़ोटो लगाइए, जिसमें पूरा पन्ना दिखे।
  4. तय शुल्क ऑनलाइन जमा कीजिए और रसीद पर लिखा URN नंबर सँभालकर रखिए।

URN नंबर से ही बाद में स्थिति देखी जाती है। रसीद खो जाए तो लॉगिन करके update history में वही नंबर दोबारा मिल जाता है।

गाँव का पता लिखते समय क्या ध्यान रखें

यहीं सबसे ज़्यादा आवेदन अटकते हैं। गाँव का नाम वही लिखिए जो सरकारी रिकॉर्ड में है, न कि वह जो बोलचाल में चलता है। खुर्द, कलाँ, उर्फ़ या देहात जैसे हिस्से नाम का हिस्सा हैं और उन्हें छोड़ देने से पता किसी दूसरे गाँव का बन जाता है।

डाकघर वह लिखिए जहाँ से आपकी डाक बँटती है, न कि वह जो आपके गाँव के सबसे पास है। पिन कोड इसी डाकघर से तय होता है, और सही कोड पिन कोड खोजने वाले टूल पर गाँव का नाम डालकर मिल जाता है।

आधार में पता कैसे बदलें, और आवेदन क्यों लौटता है

केंद्र पर जाना कब पड़ता है

तीन हालात में ऑनलाइन काम नहीं होता। मोबाइल नंबर आधार से लिंक न हो, पते का कोई काग़ज़ आपके नाम पर न हो, या नाम और जन्मतिथि भी साथ में बदलवानी हो। इन तीनों में नज़दीकी आधार सेवा केंद्र या डाकघर वाले केंद्र पर जाना पड़ता है, जहाँ उँगलियों के निशान से पहचान होती है।

केंद्र पर जाते समय मूल दस्तावेज़ साथ ले जाइए। वहाँ उसकी स्कैन होती है और काग़ज़ वापस मिल जाता है।

आवेदन लौट जाए तो

अस्वीकार होने की वजह update history में लिखी रहती है, और लगभग हमेशा वह इन्हीं में से एक होती है: दस्तावेज़ पर नाम अलग है, फ़ोटो धुँधली है, पते का कोई हिस्सा छूट गया है, या काग़ज़ बहुत पुराना है। वजह पढ़कर उसी को ठीक कीजिए और दोबारा आवेदन दीजिए, शुल्क फिर से लगेगा।

दो बार लौट जाए तो ऑनलाइन दोबारा कोशिश करने के बजाय केंद्र पर जाना बेहतर है, क्योंकि वहाँ ऑपरेटर सामने ही बता देता है कि काग़ज़ चलेगा या नहीं।

बदलाव के बाद क्या करना है

नया आधार मंज़ूर होने के बाद अपने आप बैंक या गैस एजेंसी में पता नहीं बदलता। जहाँ जहाँ पुराना पता दर्ज है, वहाँ अलग से देना पड़ता है। राशन कार्ड में पता और सदस्य अलग प्रक्रिया से जुड़ते हैं, और उसका पूरा तरीक़ा राशन कार्ड में नाम जोड़ने वाले पन्ने पर दिया है।

आधार से जुड़े बाक़ी काम, जैसे डाउनलोड, मोबाइल लिंक और PVC कार्ड, एक ही जगह आधार सेवाओं वाले हिस्से में दिए हैं।

ध्यान रखने लायक़ बातें

  • आधार का शुल्क तय है और बहुत कम है। इससे ज़्यादा माँगा जाए तो वह वसूली है, शुल्क नहीं।
  • OTP किसी को न बताइए। कोई भी सरकारी कर्मचारी फ़ोन पर OTP नहीं माँगता।
  • पता बदलने में बायोमेट्रिक नहीं बदलता, इसलिए पुराना आधार नंबर वही रहता है।
  • मंज़ूरी में कुछ दिन लगते हैं। इस बीच पुराना आधार चलता रहता है।

FAQs

बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर कार्ड और किराएनामा, इनमें से कोई एक चलता है। शर्त यह है कि उस पर नाम आधार जैसा हो और बिल तीन महीने से पुराना न हो।

ऑनलाइन नहीं, क्योंकि लॉगिन OTP से होता है। ऐसे में नज़दीकी आधार सेवा केंद्र या डाकघर वाले केंद्र पर जाना पड़ता है, जहाँ उँगली के निशान से पहचान हो जाती है।

हाँ, हर नए आवेदन पर शुल्क लगता है। इसलिए लौटने की वजह update history में पढ़कर उसी को ठीक कीजिए, फिर आवेदन दीजिए।

नहीं। पता बदलने से बायोमेट्रिक और आधार नंबर, दोनों वही रहते हैं। सिर्फ़ पते वाला हिस्सा बदलता है।